70 % स्टूडेंट्स पढ़ाई को लेकर स्ट्रेस झेल रहे है ॥
यह सिर्फ अनुमान नहीं बल्कि द स्टूडेंट सिंक इंडेक्स-2026 की रिपोर्ट बता रही
है। कक्षा में बैठे हर 10 में से छह बच्चों को विषय या पाठ से संबंधित प्रश्न का कम और चिंता, तनाव या उम्मीदों का
दबाव ज्यादा होता है।
बच्चों पर दबाव और तनाव का कारण बन रहे हैं।
इसके कारण विद्यार्थी दबाव महसूस करते रहते हैं। आज जब हम समझ रहे हैं कि तनाव किस
हद तक बच्चों को परेशान कर रहा है और यहां तक कि लोग बच्चों से ज्यादा से ज्यादा
बात करने को लेकर सजग हैं, फिर भी इस तरह तनाव का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
#नंबरों की दौड़ में हार गया बचपन
सबसे दुखद पहलू यह है कि लगभग आधे बच्चे (42%) अपने ही घर… में मानसिक सुरक्षा की जगह दबाव महसूस कर रहे हैं।
हमें भविष्य में बेहतरीन रिटर्न चाहिए। जब तक घर और स्कूल का वातावरण ‘गलती करने की स्वतंत्रता’ नहीं देगा, तब तक तनाव का
यह ग्राफ नीचे नहीं आएगा।
मेहनत की तारीफ करें। उसे महसूस होना चाहिए कि आपका प्यार उसके ‘रिपोर्ट कार्ड’ का मोहताज नहीं
है।
1. विधार्थी में तनाव
के क्या कारण हैं ?
छात्र तब भी तनाव महसूस करते हैं जब उन्हें
बहुत कम नींद आती है, खराब खान-पान होता है और यहाँ तक कि बहुत ज़्यादा खाली समय भी
मिलता है।
2. तनाव के मुख्य 4 कारण हैं:
काम और वित्तीय दबाव, जैसे ज़्यादा काम या नौकरी की चिंता; रिश्तों की समस्याएँ, जैसे पारिवारिक कलह या अकेलापन; जीवन में बड़े बदलाव, जैसे नई नौकरी या किसी प्रियजन की मृत्यु; और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, जैसे पुरानी बीमारी या दर्द।
3. दिमाग को टेंशन फ्री कैसे करें?
मानसिक शांति (ध्यान, गहरी सांसें, संगीत), सामाजिक जुड़ाव (दोस्तों से बात), शौक पूरे करना (पढ़ना, बागवानी), संतुलित आहार और अच्छी नींद ज़रूरी है; साथ ही, नकारात्मक
विचारों से बचें, प्रकृति में समय
बिताएं और ज़रूरत पड़ने पर मदद लें, जिससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है.
4. उपाय क्या करे :
तुरंत राहत के लिए (Immediate Relief):
1.
गहरी सांसें लें:
अपनी सांसों पर ध्यान दें, धीरे-धीरे सांस
अंदर लें और बाहर छोड़ें, विचारों को भटकने दें.
2.
5-4-3-2-1
तकनीक:
अपने आसपास 5 चीजें देखें, 4 चीजें छुएं, 3 आवाजें सुनें, 2 चीजें सूंघें और 1 चीज का स्वाद महसूस
करें.
3.
संगीत सुनें:
अपना पसंदीदा संगीत चलाएं, इससे मांसपेशियां
रिलैक्स होती हैं और तनाव हार्मोन कम होते हैं.
जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes):
1.
नियमित व्यायाम:
चलना, योग, या डांस करें, इससे एंडोर्फिन
(खुशी वाले हार्मोन) निकलते हैं.
2.
भरपूर नींद:
हर रात पर्याप्त नींद लें, एक रूटीन बनाएं.
3.
संतुलित आहार:
नट्स (बादाम, अखरोट) और ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त
भोजन करें, कैफीन और शराब से बचें.
4.
प्रकृति से जुड़ें:
बाहर समय बिताएं, यह तनाव कम करता
है.
मानसिक और भावनात्मक तरीके (Mental & Emotional Techniques):
1.
ध्यान (Meditation):
नियमित ध्यान से मन शांत होता है और
फोकस बढ़ता है.
2.
माइंडफुलनेस:
वर्तमान क्षण पर ध्यान दें, जो कर रहे हैं उसी
में पूरी तरह शामिल रहें.
3.
शौक अपनाएं:
बागवानी, पढ़ना, पेंटिंग जैसे
रचनात्मक काम करें.
4.
सामाजिक जुड़ाव:
दोस्तों और परिवार से बात करें, उनसे जुड़ें.
5.
कृतज्ञता (Gratitude):
उन चीजों के लिए आभारी रहें जो आपके
पास हैं.
कब मदद लें (When to Seek Help):
·
अगर तनाव बहुत
ज्यादा हो, तो किसी काउंसलर,
डॉक्टर या भरोसेमंद व्यक्ति से बात
करें.
इन तरीकों को अपनी दिनचर्या में शामिल
करने से आप दिमाग को तनाव मुक्त और शांत रख सकते हैं.
इसका मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है.
स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए, किसी पेशेवर डॉक्टर से बात करें. एआई
से मिले जवाबों में गलतियां हो सकती हैं. ज़्यादा जानें
